BHARAT DARPAN TV

BHARAT DARPAN TV

.......भारत दर्पण टीवी......

आईना सच्चाई का.......

दिल्ली पुलिस ने 7 ठग किए गिरफ्तार: ₹22 लाख के ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड का पर्दाफाश,बड़ी सफलता

दिल्ली पुलिस ने 7 ठग किए गिरफ्तार: ₹22 लाख के ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड का पर्दाफाश,बड़ी सफलता

दिल्ली पुलिस ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ₹22 लाख की ठगी का यह मामला फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ, जानें पूरी कहानी।

दिल्ली पुलिस ने 7 ठग किए गिरफ्तार: ₹22 लाख के ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड का पर्दाफाश,बड़ी सफलता

परिचय: दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड का भंडाफोड़

दिल्ली पुलिस के नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर थाना टीम ने एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय साइबर क्राइम सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाता था। इस गैंग ने दिल्ली के बुराड़ी निवासी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से ₹22,06,600 की भारी-भरकम रकम ठग ली। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक मैराथन ऑपरेशन चलाते हुए 9 दिनों तक लगातार 4 राज्यों (दिल्ली, यूपी, हरियाणा और राजस्थान) में 1800 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की और इस शातिर गैंग के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया। इस ऑपरेशन से पता चला है कि यह गैंग कितना संगठित था और इसके तार मलेशिया और दुबई तक फैले हुए थे। पुलिस ने पीड़ित के ₹8,58,454 भी विभिन्न खातों में फ्रीज करवाए हैं।

दिल्ली में 09 वांछित अपराधी गिरफ्तार – पुलिस की बड़ी कामयाबी

Exclusive: जहांगीरपुरी में ड्रग्स का बड़ा खुलासा, पुलिस ने महिला सप्लायर को रंगे हाथों पकड़ा

कैसे बना सॉफ्टवेयर इंजीनियर ठगी का शिकार?

यह पूरा मामला अप्रैल 2025 में शुरू हुआ, जब बुराड़ी निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर मुकेश कुमार ने फेसबुक पर ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ा एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में मशहूर ट्रेडिंग कंपनी ‘Upstox’ का असली लोगो और नाम इस्तेमाल किया गया था, जिससे यह पूरी तरह से वैध लग रहा था। विज्ञापन में दिए गए “Start Trading” बटन पर क्लिक करते ही उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जिसका नाम “Upstox Securities Private Limited” था। ग्रुप के एडमिन ने खुद को विशेषज्ञ ट्रेडर बताया और एक व्यक्ति, कपिल जयकल्याणी, ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर पीड़ित को विश्वास दिलाया कि कंपनी SEBI-रजिस्टर्ड है। भरोसे के लिए पीड़ित को एक कन्फर्मेशन मेल भी भेजा गया, जिसके बाद उन्होंने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी की।

दिल्ली पुलिस ने 7 ठग किए गिरफ्तार: ₹22 लाख के ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड का पर्दाफाश,बड़ी सफलता

​भरोसे का खेल: छोटे मुनाफे से ₹22 लाख तक का निवेश

रजिस्ट्रेशन के बाद मुकेश को ‘UP Success Express’ नाम के एक और व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में रोजाना कई सदस्य अपने भारी मुनाफे के स्क्रीनशॉट और डिपॉजिट प्रूफ साझा करते थे, जो असल में पीड़ित को लुभाने के लिए एक सुनियोजित चाल थी। 24 अप्रैल को, ग्रुप एडमिन ‘दिव्यांगना थोराट’ ने उन्हें एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने का लिंक भेजा, जिसमें नेटवर्क एरर आ रहा था। बाद में, उन्हें एक वैकल्पिक वेबसाइट पर निर्देशित किया गया। शुरुआत में, छोटे निवेश पर उन्हें कुछ मुनाफा भी मिला, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया। इसी भरोसे का फायदा उठाकर जालसाजों ने उनसे धीरे-धीरे कुल ₹22,06,600 जमा करवा लिए। जब मुकेश ने अपनी बड़ी रकम निकालने की कोशिश की, तो विथड्रॉअल का स्टेटस “In Progress” ही दिखाता रहा और कुछ समय बाद जालसाजों ने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया।

दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन: 9 दिन, 4 राज्य और 1800 किलोमीटर का पीछा

जैसे ही ₹22 लाख की ठगी की शिकायत NCRP पोर्टल पर दर्ज हुई, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस स्टेशन टीम हरकत में आ गई। एसीपी/ऑपरेशंस सेल सुश्री विदुषी कौशिक के मार्गदर्शन और एसएचओ/साइबर पुलिस स्टेशन इंस्पेक्टर रोहित गहलोत की निगरानी में एसआई अरविंद यादव, हेड कांस्टेबल हिमांशु और कांस्टेबल रवि की एक समर्पित टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान लगभग 200 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मनी ट्रेल का गहन विश्लेषण किया गया। व्हाट्सएप की जांच से पता चला कि मुख्य हैंडलर्स के खाते मलेशिया से सक्रिय थे। पुलिस ने Flipkart, Swiggy, Zomato जैसे प्लेटफॉर्म से आरोपियों के पते निकालने की कोशिश की, लेकिन वे लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। अंत में, लगातार तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया और एक बड़े ऑपरेशन की नींव रखी।

दिल्ली पुलिस ने 7 ठग किए गिरफ्तार: ₹22 लाख के ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड का पर्दाफाश,बड़ी सफलता

दिल्ली-एनसीआर में बैठे अकाउंट सप्लायर्स

इस गैंग की पहली परत को तोड़ने के लिए पुलिस ने 6 अक्टूबर को गुरुग्राम, गाजियाबाद और दिल्ली में छापेमारी की और अतुल कुमार (31 वर्ष) को गिरफ्तार किया। अतुल से पूछताछ के आधार पर उसके दो साथियों, प्रशांत सिंह (31 वर्ष) और भावेश कुमार खान (50 वर्ष, MBA) को भी दबोच लिया गया। इन तीनों ने कबूल किया कि उन्होंने “Mostly Social Technology Private Limited” नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई थी और उसके नाम पर करंट अकाउंट खोले थे। वे इन खातों की नेट बैंकिंग आईडी, पासवर्ड और सिम कार्ड अपने सीनियर ‘अमन’ को कुल जमा राशि के 3% से 5% कमीशन पर बेच देते थे। इस काम के लिए उन्हें ₹60,000 मिले थे।

राजस्थान से दुबई तक फैला नेटवर्क

गैंग की दूसरी परत राजस्थान में सक्रिय थी। 9 अक्टूबर को, पुलिस टीम ने राजस्थान के झुंझुनू जिले के सुल्ताना इलाके में छापा मारा और सुमित झाझरिया (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया। सुमित ने खुलासा किया कि वह अपने दोस्त योगेश कुमार (24 वर्ष) को 8% कमीशन पर बैंक खाते बेचता था। योगेश की गिरफ्तारी के बाद एक और बड़ा खुलासा हुआ। योगेश इन खातों को दुबई में बैठे अपने रिश्तेदार ‘राहुल’ को 10% कमीशन पर सप्लाई करता था। पैसे का ट्रांसफर राहुल द्वारा उपलब्ध कराए गए स्कैनर के माध्यम से किया जाता था। यह कड़ी सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी थी।

दिल्ली पुलिस ने 7 ठग किए गिरफ्तार: ₹22 लाख के ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड का पर्दाफाश,बड़ी सफलता

मेवात तक जुड़े तार और ऑनलाइन गेमिंग का खेल

ऑपरेशन की तीसरी और अंतिम कड़ी का भंडाफोड़ 14 अक्टूबर को हुआ। पुलिस ने राजस्थान के सांगानेर (जयपुर) से गौरव (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया। गौरव ने बताया कि वह 2% कमीशन पर अपने दोस्त विवेक कुमार सत्तावान (25 वर्ष) को खाते बेचता था। विवेक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अलवर से दिल्ली तक उसका पीछा किया। विवेक ने खुलासा किया कि वह इन खातों को मेवात के ‘सद्दाम’ नामक व्यक्ति को 3% कमीशन पर बेचता था। जांच में यह भी पता चला कि ठगी की रकम को ट्रैक करना मुश्किल बनाने के लिए उसे ऑनलाइन गेमिंग अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिया जाता था। यह गैंग इतना शातिर था कि वे सबूत मिटाने के लिए टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर की गई सभी चैट को तुरंत डिलीट कर देते थे।

भारी बरामदगी और पुलिस की बड़ी सफलता

इस 9-दिवसीय मैराथन ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस को भारी सफलता मिली। पुलिस ने न केवल 7 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि उनके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण उपकरण भी बरामद किए। बरामदगी में शामिल हैं:

  • 10 मोबाइल फोन और 14 सिम कार्ड
  • 17 डेबिट कार्ड और 05 चेक बुक
  • 01 लैपटॉप और 03 पैन कार्ड
  • 06 स्टाम्प पासबुक और फर्जी कंपनी के दस्तावेज
    सबसे महत्वपूर्ण सफलता यह रही कि पुलिस ने पीड़ित के ₹8,58,454 को विभिन्न खातों में फ्रीज या होल्ड करवा दिया। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों से जुड़ी 46 अन्य साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें भी NCRP पोर्टल पर दर्ज थीं, जिससे पता चलता है कि यह गैंग कितने बड़े पैमाने पर काम कर रहा था।

कैसे काम करता है यह अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट?

यह पूरा सिंडिकेट एक पिरामिड की तरह काम करता था। सबसे ऊपर मलेशिया और दुबई में बैठे मुख्य हैंडलर्स थे, जो फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी विज्ञापन चलाते थे। बीच की परतों में ‘अमन’, ‘राहुल’ और ‘सद्दाम’ जैसे लोग थे, जो खातों का प्रबंधन करते थे। सबसे निचली परत में अतुल, सुमित और गौरव जैसे लोग थे, जो फर्जी कंपनियां बनाकर या आम लोगों को लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे और उन्हें कुछ प्रतिशत कमीशन पर बेच देते थे। ठगी की रकम कई परतों में अलग-अलग खातों से होते हुए ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म या क्रिप्टो वॉलेट में भेज दी जाती थी, जिससे उसे ट्रैक करना लगभग असंभव हो जाता था।

ऑनलाइन ट्रेडिंग में कैसे रहें सावधान?

यह मामला एक बड़ी चेतावनी है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग और जल्दी पैसा कमाने के विज्ञापन कितने खतरनाक हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने इस गैंग का भंडाफोड़ कर सराहनीय काम किया है, लेकिन नागरिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

श्रेणीविवरण
घटना का नामअंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़
पुलिस इकाईसाइबर पुलिस स्टेशन, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट, दिल्ली
पीड़ितमुकेश कुमार, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, निवासी बुराड़ी, दिल्ली
ठगी की रकम₹22,06,600/-
ऑपरेशन की अवधि9 दिन
ऑपरेशन का क्षेत्रदिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, और राजस्थान (लगभग 1800 KM)
कुल गिरफ्तार आरोपी7
गिरफ्तार आरोपियों के नामअतुल कुमार, प्रशांत सिंह, भावेश कुमार खान, सुमित झाझरिया, योगेश कुमार, गौरव, विवेक कुमार सत्तावान
अंतर्राष्ट्रीय कनेक्शनमलेशिया और दुबई
ठगी का तरीका– फेसबुक पर ‘Upstox’ जैसे ब्रांड के नाम पर फर्जी विज्ञापन
– व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर विश्वास जीतना
– फर्जी लाभ के स्क्रीनशॉट दिखाकर निवेश के लिए उकसाना
– फर्जी ट्रेडिंग ऐप/वेबसाइट का उपयोग
बरामदगी– 10 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड
– 17 डेबिट कार्ड, 5 चेक बुक, 6 पासबुक
– 1 लैपटॉप, 3 पैन कार्ड, कंपनी दस्तावेज
फ्रीज की गई रकमपीड़ित के ₹8,58,454/- विभिन्न खातों में फ्रीज/होल्ड किए गए
अन्य संबंधित मामलेइन खातों से जुड़ी 46 अन्य साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें NCRP पोर्टल पर मिलीं
कानूनी कार्रवाईFIR No. 51/25, PS साइबर नॉर्थ में दर्ज, आरोपी न्यायिक हिरासत में
पुलिस टीम का नेतृत्वSI अरविंद यादव, SHO इंस्पेक्टर रोहित गहलोत, ACP सुश्री विदुषी कौशिक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *