दिल्ली ECM चोर गिरफ्तार। बुराड़ी पुलिस ने 8 चोरी के ECM के साथ 2 शातिर चोरों को पकड़ा। एक हत्या का आरोपी और दूसरा 28 मामलों का हिस्ट्रीशीटर है। जानें पूरी खबर।

दिल्ली में ECM चोर गैंग का भंडाफोड़
दिल्ली के नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की बुराड़ी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गाड़ियों का ‘दिमाग’ कहे जाने वाले इंजन कंट्रोल मॉड्यूल (ECM) को चुराने वाले एक शातिर गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गैंग के दो कुख्यात सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 8 चोरी के ECM, अपराध में इस्तेमाल होने वाली कार और औजार बरामद हुए हैं। इस गिरफ्तारी से बुराड़ी थाने में दर्ज ECM चोरी के 6 मामले सुलझ गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक हत्या के मामले में शामिल रहा है, जबकि दूसरा 28 आपराधिक मामलों का हिस्ट्रीशीटर है।
दिल्ली में 2 कुख्यात ECM चोर गिरफ्तार: दिल्ली पुलिस ने सुलझाए 6 केस, 8 चोरी के ECM बरामद, बड़ी सफलता
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क्या है ECM और क्यों होती है इसकी चोरी?
इंजन कंट्रोल मॉड्यूल (ECM) किसी भी आधुनिक गाड़ी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसे गाड़ी का ‘दिमाग’ भी कहा जाता है। यह इंजन के प्रदर्शन, फ्यूल इंजेक्शन, इग्निशन टाइमिंग और उत्सर्जन प्रणाली को नियंत्रित करता है। इसकी कीमत बाजार में काफी ज्यादा होती है, जो 25,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक हो सकती है। चोर इसे चुराकर कबाड़ी बाजार या जरूरतमंद मैकेनिकों को सस्ते दामों पर बेच देते हैं, जिससे उन्हें आसानी से मोटा पैसा मिल जाता है।
घटना का विवरण: कैसे शुरू हुई जांच?
इस गैंग का खुलासा तब हुआ जब 18 सितंबर 2025 को बुराड़ी के उत्तराखंड एनक्लेव निवासी मोहम्मद रिजवान अब्बास ने एक ऑनलाइन E-FIR दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उनके घर के पास खड़े उनके पानी के टैंकर से किसी ने ECM चोरी कर लिया है। बुराड़ी और आसपास के इलाकों में हाल के हफ्तों में इस तरह की कई घटनाएं सामने आ रही थीं, जिससे पुलिस पर इस गैंग को पकड़ने का दबाव बढ़ रहा था। पुलिस ने तुरंत FIR संख्या 80088009/25 दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस का ऑपरेशन: 10 दिन की CCTV फुटेज ने खोला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए, बुराड़ी थाने की गवर्नमेंट हॉस्पिटल पुलिस चौकी की एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने सबसे पहले इलाके में लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। 10 दिनों तक लगातार कई स्थानों की फुटेज की जांच के बाद, पुलिस ने एक संदिग्ध कार की पहचान की, जिसका इस्तेमाल चोरी की वारदातों में किया जा रहा था। इस कार के आधार पर पुलिस ने अपना जाल बिछाना शुरू किया और स्थानीय खुफिया नेटवर्क को सक्रिय किया।
आधी रात को वजीराबाद में गिरफ्तारी
19 अक्टूबर की सुबह करीब 2 बजे, पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि संदिग्ध कार वजीराबाद के पास देखी गई है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने कार को रोक लिया। थोड़ी देर की पीछा-धड़पकड़ के बाद, कार में सवार दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी पहचान महनूर (33 वर्ष), निवासी ब्रह्मपुरी, और आदिल उर्फ शाहरुख (35 वर्ष), निवासी वेलकम, के रूप में हुई। कार की तलाशी लेने पर उसमें से चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार भी बरामद हुए।
पूछताछ में हुए बड़े खुलासे और 8 ECM बरामद
कड़ी पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि वे पिछले छह महीनों से बुराड़ी, तिमारपुर, वजीराबाद और स्वरूप नगर जैसे इलाकों में ECM चोरी की कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने आदिल के घर से 8 चोरी किए हुए ECM भी बरामद कर लिए। इस गिरफ्तारी से बुराड़ी थाने के 6 लंबित मामले सुलझ गए।
क्या था चोरी का तरीका (Modus Operandi)?
आरोपियों ने चोरी के अपने शातिर तरीके का भी खुलासा किया। वे रात के अंधेरे या तड़के सुबह के समय सुनसान जगहों पर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाते थे। वे पहले गाड़ी का शीशा तोड़ते या खास औजारों से बोनट खोलते थे। इसके बाद, वे गैस कटर या अन्य औजारों की मदद से कुछ ही मिनटों में ECM को काटकर निकाल लेते थे और मौके से फरार हो जाते थे। वे इस चोरी किए गए माल को अपने तीसरे साथी नईम को बेच देते थे, जो इसे आगे बाजार में खपाता था। पुलिस अब फरार नईम की तलाश कर रही है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास: एक हत्या का आरोपी, दूसरा 28 केसों का हिस्ट्रीशीटर
जांच में आरोपियों का आपराधिक इतिहास जानकर पुलिस भी हैरान रह गई। आरोपी महनूर, जो स्कूल ड्रॉपआउट है और टैक्सी चलाता है, पहले महेंद्र पार्क थाने में दर्ज एक हत्या के मामले में शामिल रह चुका है। वहीं, दूसरा आरोपी आदिल उर्फ शाहरुख और भी बड़ा अपराधी निकला। उसके खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में चोरी और सेंधमारी के 28 मामले पहले से ही दर्ज हैं। यह साफ है कि ये दोनों आदतन अपराधी हैं और जेल से बाहर आते ही फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो जाते हैं।
बरामदगी का विवरण
इस सफल ऑपरेशन में पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद किया:
- 08 चोरी के ECM
- अपराध में इस्तेमाल की गई एक कार
- गाड़ियों को खोलने और ECM काटने के लिए इस्तेमाल होने वाले विभिन्न औजार
पुलिस की सतर्कता और जनता से अपील
बुराड़ी पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस की सतर्कता और तकनीक के सही इस्तेमाल से बड़े से बड़े अपराधी भी कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते। इस गिरफ्तारी से इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है, जिनकी गाड़ियों पर हमेशा चोरी का खतरा मंडराता रहता था। पुलिस अब इस गैंग के फरार सदस्य नईम और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।