Rudraprayag Double Murder Case में बड़ी कार्रवाई। उत्तराखंड में मां-बेटी की हत्या के आरोपी को दिल्ली पुलिस ने मुंबई भागने से पहले गिरफ्तार किया। पढ़ें पूरा मामला।

Rudraprayag Double Murder Case: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में सामने आए एक सनसनीखेज डबल मर्डर केस में दिल्ली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मां और उसकी 9 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी मुंबई भागने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले ही दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने उसे पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी दीपक बहादुर, जो मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है, इस मामले में मुख्य संदिग्ध था और घटना के बाद से फरार चल रहा था। जांच के दौरान तकनीकी निगरानी और लगातार पीछा करने के बाद पुलिस को उसकी लोकेशन दिल्ली के आजादपुर मंडी इलाके के आसपास मिली। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस के अनुरोध पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम सक्रिय हुई और आरोपी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन में सवार होने से पहले गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने इस जघन्य अपराध को स्वीकार करते हुए बताया कि फेसबुक पर हुई पहचान के बाद वह एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगा था। बाद में आपसी विवाद के चलते उसने महिला और उसकी बेटी की हत्या कर दी। यह मामला सोशल मीडिया से शुरू हुई दोस्ती, पारिवारिक विवाद और अपराध की गंभीरता को लेकर कई सवाल खड़े करता है। Rudraprayag Double Murder Case
Rudraprayag Double Murder Case: कैसे सामने आया मां-बेटी की हत्या का मामला
Rudraprayag Double Murder Case की शुरुआत उस समय सामने आई जब रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा गांव में एक किराए के मकान से तेज दुर्गंध आने की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। यह सूचना 6 मार्च 2026 की शाम करीब 7 बजकर 33 मिनट पर जाखोल पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई थी।
सूचना देने वाले योगेंद्र लाल ने पुलिस को बताया कि उनके इलाके में रहने वाला दीपक बहादुर कई दिनों से दिखाई नहीं दे रहा है। वह एक महिला और उसकी 9 साल की बेटी के साथ किराए के कमरे में रहता था। पिछले कुछ दिनों से कमरे से तेज बदबू आ रही थी, जिससे आसपास के लोगों को शक हुआ।
जब पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया कि कमरा अंदर से बंद था और आसपास का माहौल संदिग्ध लग रहा था। पुलिस ने दरवाजा खोलकर जब अंदर प्रवेश किया तो वहां का दृश्य बेहद भयावह था। कमरे के अंदर एक महिला और एक छोटी बच्ची के शव पड़े मिले। दोनों शवों की स्थिति से स्पष्ट था कि उनकी मौत कई दिन पहले हो चुकी थी।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि दोनों के शरीर पर हिंसा के स्पष्ट निशान थे। इसके बाद मामला तुरंत गंभीर हो गया और हत्या की आशंका के आधार पर जांच शुरू की गई।
मौके पर आरोपी दीपक बहादुर मौजूद नहीं था। उसके अचानक गायब होने से पुलिस का शक और गहरा गया। जांच के दौरान आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, जिनसे पता चला कि घटना के बाद से ही आरोपी दिखाई नहीं दिया था।
इसके बाद थाना रुद्रप्रयाग में FIR संख्या 12/2026 दर्ज की गई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और मामले की जांच तेज कर दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मौके से मिले सबूतों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि दोनों की हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। Rudraprayag Double Murder Case
Rudraprayag Double Murder Case: दिल्ली में कैसे पहुंचा आरोपी और कैसे हुई गिरफ्तारी
Rudraprayag Double Murder Case की जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि आरोपी घटना के बाद उत्तराखंड से फरार हो गया है। इसके बाद जांच एजेंसियों ने तकनीकी निगरानी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रैक करनी शुरू की।
लगातार निगरानी के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी दिल्ली पहुंच चुका है और आजादपुर मंडी इलाके के आसपास देखा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया।
इसके बाद उत्तर-पश्चिम जिला दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ को आरोपी को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इंस्पेक्टर सोमवीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम में कई अनुभवी पुलिस अधिकारी और कर्मी शामिल थे, जिनमें एसआई अजय कुमार, एएसआई मनोज कुमार, एएसआई सोमवीर, हेड कांस्टेबल जोगेंद्र, नरसी राम, पंकज गुप्ता और सत्य नारेंद्र शामिल थे।
टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा है।
रेलवे स्टेशन पर भीड़ अधिक होने के कारण आरोपी की पहचान करना आसान नहीं था। इसके बावजूद पुलिस टीम ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखा।
आखिरकार पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी मुंबई जाने वाली ट्रेन में सवार होने की कोशिश कर रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने हत्या की पूरी कहानी बताई। Rudraprayag Double Murder Case
फेसबुक पर दोस्ती, लिव-इन रिलेशन और फिर हत्या की वारदात
Rudraprayag Double Murder Case: पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार आरोपी दीपक बहादुर की मुलाकात कमला नाम की महिला से फेसबुक के माध्यम से हुई थी। सोशल मीडिया पर बातचीत के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और कुछ समय बाद दोनों साथ रहने लगे।
कमला अपनी 9 साल की बेटी के साथ आरोपी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। शुरुआती दिनों में दोनों के बीच संबंध सामान्य थे, लेकिन धीरे-धीरे रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा।
आरोपी के अनुसार उसे यह शक होने लगा कि कमला का किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी संबंध है। इसी शक और तनाव के कारण दोनों के बीच अक्सर झगड़े होने लगे।
एक दिन विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर महिला और उसकी बेटी की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया से शुरू हुए रिश्तों और उनके संभावित खतरों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपराध के बाद अपने बचाव के लिए अलग-अलग जगहों पर छिपने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी निगरानी के कारण वह ज्यादा समय तक बच नहीं पाया। Rudraprayag Double Murder Case
दिल्ली पुलिस और उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस मामले में दिल्ली पुलिस और उत्तराखंड पुलिस के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।
उत्तराखंड पुलिस ने आरोपी की लोकेशन दिल्ली में ट्रेस होने के बाद तुरंत दिल्ली पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान शुरू हुआ।
दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी की गतिविधियों को ट्रैक किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी बेहद सतर्क था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। इसके बावजूद पुलिस टीम ने उसे ट्रैक करने में सफलता हासिल की।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में आरोपी को पकड़ना आसान नहीं था, लेकिन पुलिस टीम ने धैर्य और रणनीति के साथ कार्रवाई की।
आखिरकार आरोपी को ट्रेन में सवार होने से पहले पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उत्तराखंड पुलिस को सौंप दिया गया।
डबल मर्डर केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की वारदात किस तरह अंजाम दी गई और इसके पीछे अन्य कोई कारण तो नहीं था।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज है।
पुलिस अधिकारी आकांक्षा यादव, जो उत्तर-पश्चिम जिला दिल्ली की पुलिस उपायुक्त हैं, ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर उत्तराखंड पुलिस को सौंप दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी या यह अचानक हुए विवाद का परिणाम था।
इसके अलावा पुलिस डिजिटल सबूतों, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के मामलों में दोष सिद्ध होने पर आरोपी को कठोर सजा का सामना करना पड़ सकता है।
Delhi Maurya Enclave Burglary Case: पुलिस ने शातिर चोर पकड़ा
Illegal Bangladeshi Migrants Delhi: फिर पकड़े गए 2 नागरिक
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| मामला | डबल मर्डर केस |
| स्थान | रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड |
| आरोपी | दीपक बहादुर |
| पीड़ित | महिला और उसकी 9 वर्षीय बेटी |
| गिरफ्तारी | नई दिल्ली रेलवे स्टेशन |
| कार्रवाई | दिल्ली पुलिस स्पेशल स्टाफ |
| धारा | BNS 103(1) |
| स्थिति | आरोपी उत्तराखंड पुलिस को सौंपा |
FOLLOW OUR MAIN WEBSITE to connect with crime, politics, game, and many more…
www.headlineslivenews.com