Proclaimed Offenders Arrested Delhi: उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे।

Proclaimed Offenders Arrested Delhi: दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिले ने अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। स्पेशल स्टाफ और थाना महेंद्र पार्क की समर्पित पीओ टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छह उद्घोषित अपराधियों (Proclaimed Offenders) को गिरफ्तार या ट्रेस किया है। ये सभी आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और अदालतों द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किए जा चुके थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से कई के खिलाफ धोखाधड़ी, चेक बाउंस, जालसाजी और चोरी जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में अदालत द्वारा समन और वारंट जारी किए जाने के बावजूद आरोपी लगातार कानून से बचते रहे।
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस की टीमों ने लगातार निगरानी, तकनीकी जानकारी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर इन आरोपियों की तलाश शुरू की। इसी अभियान के दौरान स्पेशल स्टाफ और थाना महेंद्र पार्क की टीमों ने अलग-अलग स्थानों से इन छह आरोपियों को गिरफ्तार या ट्रेस कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई कानून व्यवस्था बनाए रखने और फरार अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Proclaimed Offenders Arrested Delhi

Proclaimed Offenders Arrested Delhi: स्पेशल स्टाफ की कार्रवाई में 4 आरोपी गिरफ्तार
Proclaimed Offenders Arrested Delhi अभियान के तहत स्पेशल स्टाफ, उत्तर-पश्चिम जिला की टीम ने चार उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की।
इस अभियान का नेतृत्व पुलिस अधिकारियों की एक विशेष टीम ने किया जिसमें सब-इंस्पेक्टर सुरेंद्र और एएसआई सुरेंद्र दहिया प्रमुख रूप से शामिल थे। टीम ने कई दिनों तक तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर फरार अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहे थे और उनके खिलाफ वारंट जारी किए जा चुके थे। अदालत ने उन्हें उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था। Proclaimed Offenders Arrested Delhi
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
1. लिखेश खरबंदा (44 वर्ष)
निवासी – संगम विहार एक्सटेंशन, नजफगढ़, दिल्ली
उन्हें द्वारका कोर्ट द्वारा चेक बाउंस मामले में 20 अप्रैल 2024 को उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था।
2. महेश (28 वर्ष)
निवासी – नौरंगपुर, गुरुग्राम, हरियाणा
उन्हें 1 जुलाई 2024 को द्वारका कोर्ट द्वारा धारा 138 NI Act के तहत उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था।
3. कमलेश जायसवाल (52 वर्ष)
निवासी – वेस्ट कमल विहार, बुराड़ी, दिल्ली
इनके खिलाफ भलस्वा डेयरी थाने के दो मामलों में अदालत ने 2020 में उद्घोषित अपराधी घोषित किया था।
4. हरि ओम (36 वर्ष)
निवासी – गौतम कॉलोनी, नरेला, दिल्ली
तीस हजारी कोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को चेक बाउंस मामले में इन्हें उद्घोषित अपराधी घोषित किया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन चारों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। Proclaimed Offenders Arrested Delhi

Proclaimed Offenders Arrested Delhi: महेंद्र पार्क थाना की टीम ने 2 अपराधियों को ट्रेस किया
Proclaimed Offenders Arrested Delhi अभियान के तहत थाना महेंद्र पार्क की टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
थाना महेंद्र पार्क की समर्पित पीओ टीम ने दो उद्घोषित अपराधियों को सफलतापूर्वक ट्रेस कर लिया। इस कार्रवाई में महिला कांस्टेबल अंजू की विशेष भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार इन दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे और अदालत ने उन्हें पहले ही उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था। Proclaimed Offenders Arrested Delhi
ट्रेस किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
1. योगेश गुप्ता उर्फ बिहारी
निवासी – गोविंदपुरी और सरिता विहार, दिल्ली
उन्हें 2020 में करोल बाग थाने के एक मामले में उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था।
इस मामले में उनके खिलाफ IPC की धारा 419, 420, 468, 471 और 34 के तहत मुकदमा दर्ज था, जो धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराएं हैं।
2. ऋषभ उर्फ चिराग सोलंकी उर्फ सूरज
निवासी – जहांगीरपुरी, दिल्ली
उन्हें 2024 में सिविल लाइंस थाने के चोरी और झपटमारी से जुड़े मामले में उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन दोनों आरोपियों को ट्रेस कर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए अदालत के समक्ष पेश किया गया।
उद्घोषित अपराधी क्या होते हैं और कानून में इसका क्या महत्व
Proclaimed Offenders Arrested Delhi: भारतीय कानून में जब कोई आरोपी अदालत में पेश होने से बचता है और लंबे समय तक फरार रहता है, तो अदालत उसे उद्घोषित अपराधी घोषित कर सकती है।
यह प्रक्रिया आमतौर पर तब अपनाई जाती है जब आरोपी बार-बार समन और वारंट जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं होता।
उद्घोषित अपराधी घोषित होने के बाद पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए विशेष अधिकार मिल जाते हैं।
इसके अलावा:
- आरोपी की संपत्ति जब्त की जा सकती है
- पुलिस विशेष अभियान चलाकर आरोपी को पकड़ सकती है
- आरोपी की जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है
इसलिए पुलिस नियमित रूप से ऐसे अपराधियों की तलाश के लिए अभियान चलाती है।
दिल्ली पुलिस की रणनीति और अपराध नियंत्रण अभियान
दिल्ली पुलिस ने हाल के वर्षों में फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किए हैं।
इन अभियानों में तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और डिजिटल डेटा का इस्तेमाल किया जाता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभियान से अपराधियों में कानून का डर बना रहता है और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद मिलती है।
उत्तर-पश्चिम जिले की पुलिस टीम लगातार ऐसे अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की दिशा में काम कर रही है।
भविष्य में ऐसे अभियानों का क्या असर होगा
विशेषज्ञों का मानना है कि उद्घोषित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है।
जब पुलिस लगातार फरार आरोपियों को पकड़ती है तो यह समाज में कानून के प्रति विश्वास बढ़ाता है।
इसके अलावा अदालतों में लंबित मामलों को निपटाने में भी तेजी आती है।
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| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| कुल आरोपी | 6 |
| गिरफ्तारी | स्पेशल स्टाफ और महेंद्र पार्क पुलिस |
| अपराध | धोखाधड़ी, चेक बाउंस, चोरी |
| अदालत | द्वारका कोर्ट और तीस हजारी कोर्ट |
| कार्रवाई | उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी |
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