Hauz Qazi Police Arrest की खबर ने दिल्ली पुलिस का दमदार ऑपरेशन दिखाया है, जिसमें डोंगल के जरिए WhatsApp कॉलिंग वाले दो इंटर-स्टेट बर्गलर्स को पकड़ा गया। पुलिस टीम ने 150 CCTV फुटेज, 30+ मोबाइल नंबर और हाई-टेक surveillance का इस्तेमाल करते हुए 2 देसी कट्टा, 10 live cartridges और कई burglary tools बरामद किए। पूछताछ में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं, और चोरी का पूरा नेटवर्क उजागर हुआ है।

HAUZ QAZI POLICE ARREST: केस का संक्षिप्त परिचय
26 अक्टूबर 2025 को, हौज काजी थाना पुलिस को Zeenat Mahal दिल्ली में घर के चोरी की घटना की सूचना प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनका घर 23 अक्टूबर को शादी समारोह में जाने के बाद, 26 अक्टूबर को ताला टूटा मिला। घर में सोना-चांदी, हीरे का आभूषण, घड़ी और ₹2.5 लाख नकद चोरी हुआ। FIR दर्ज कर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।
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जांच टीम और पुलिस का कदम
हौज काजी पुलिस की टीम ने विस्तृत CCTV फुटेज, मोबाइल नंबर विश्लेषण और मानवीय खुफिया संसाधनों का इस्तेमाल किया। 150 CCTV कैमरों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया गया, और 30 से अधिक मोबाइल नंबरों का टेक्निकल एनालिसिस किया गया।
संदिग्धों की पहचान और ट्रैसिंग
CCTV फुटेज में दो संदिग्ध दिखे, जिन्होंने चेहरे छुपाने के लिए टोपी और मास्क पहना था। फुटेज से पता चला कि मुख्य आरोपी का नाम अक्राम @ मुल्ला @ गोविंदा था, जिसने घर में प्रवेश किया था। उसकी लोकेशन ट्रैक करने के दौरान वह खजूरी खास से गिरफ्तार हुआ।

गिरफ्तारी और जब्ती
13 नवंबर 2025 को, अक्राम को दिल्ली के खजूरी खास से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से दो देसी कट्टा, 10 कारतूस, हाउस-ब्रेकिंग टूल्स और कपड़े बरामद हुए। इस घटना के तहत Arms Act का मामला भी दर्ज किया गया।
मुख्य अपराधी की पहचान और पूछताछ
अक्राम ने अपने साथी रिजवान @ मियाँ का नाम लिया, जिसे यूपी के अमरोहा से गिरफ्तार किया गया। रכזवान ने मोबाइल का इस्तेमाल कर WhatsApp कॉलिंग की और SIM कार्ड का प्रयोग नहीं किया, ताकि लोकेश्न ट्रैक न हो सके।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
दोनों आरोपी की लंबी आपराधिक रिकॉर्ड हैं, जिनमें चोरी, लूट, हत्या प्रयास और हथियारों का मामला शामिल है। दोनों आरोपी दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में सक्रिय हैं।
आपराधिक तरीक़ा और modus operandi
आरोपी SIM के स्थान पर डोंगल का उपयोग कर WhatsApp कॉल करते थे, ताकि लोकेशन और ट्रैकिंग से बच सकें। वे अक्सर पहचान बदलते और छुपने के स्थान भी बदलते रहते थे।
पुलिस की निर्णायक कार्रवाई
पुलिस ने CCTV विश्लेषण, तकनीकी निगरानी और मानवीय खुफिया तंत्र का प्रभावी प्रयोग किया। इनके प्रयासों से अपराधियों को पकड़ने में सफलता मिली और आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
जब्त सामान और हथियार
- दो देसी कट्टा
- दस लाइव कारतूस
- हाउस-ब्रेकिंग उपकरण (स्क्रूड्राइवर, कटर, आरी, टॉर्च)
- मास्क, बैग व कपड़े
आगे की कार्यवाही
पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक जाएगी, और उन जगहों व अन्य संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ने का प्रयास जारी रहेगा जहां से यह नेटवर्क संचालित हो सकता है।

| विषय | विवरण |
|---|---|
| घटना तिथि | 26 अक्टूबर 2025 |
| स्थान | हौज काजी, दिल्ली |
| मुख्य घटना | मकान में चोरी, 2.5 लाख नकद, सोना-चांदी, हीरा चोरी |
| FIR संख्या | 342/25 U/S 305(a)/331(4) BNS |
| गिरफ्तारी तिथि | 13 नवंबर 2025 (अक्राम @ मुल्ला @ गोविंदा), 16 नवंबर 2025 (रिजवान @ मियाँ) |
| गिरफ्तार आरोपी | 2 (अक्राम @ मुल्ला @ गोविंदा और रिजवान @ मियाँ) |
| कब्जा की गई सामग्री | 2 देसी कट्टा, 10 लाइव कारतूस, हाउस-ब्रेकिंग टूल्स, मास्क, टोपी, बैग, कपड़े |
| तकनीकी जांच | 150 CCTV कैमरों का विश्लेषण, 30+ मोबाइल नंबरों का तकनीकी एनालिसिस, मानवीय खुफिया |
| अपराधी का modus operandi | डोंगल से WhatsApp कॉलिंग, SIM कार्ड से बचाव, पहचान बदलना और छुपना |
| अपराधियों का क्रिमिनल रिकॉर्ड | कई राज्यों में पुराने और गंभीर अपराध जैसे हथियार अधिनियम, हत्या प्रयास, चोरियां |
| पुलिस कार्रवाई | लगातार छापेमारी, तकनीकी और मानवीय खुफिया से नेटवर्क का पर्दाफाश |
| आगामी जांच और कार्यवाही | नेटवर्क विस्तार का पता लगाना और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी |