DELHI SWAROOP NAGAR SNATCHER: दिल्ली स्वरूप नगर स्नैचर गैंग का भंडाफोड़। पुलिस ने 2 शातिर झपटमारों को गिरफ्तार कर 4 मोबाइल फोन और हथियार बरामद किए।

आउटर-नॉर्थ delhi swaroop nagar snatcher पर शिकंजा
delhi swaroop nagar snatcher दिल्ली के आउटर-नॉर्थ जिले की स्वरूप नगर थाना पुलिस ने स्ट्रीट क्राइम पर एक बड़ा प्रहार करते हुए एक शातिर स्नैचर गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक खुफिया ऑपरेशन में दो ऐसे झपटमारों को गिरफ्तार किया है, जो दिन में एक फैक्ट्री में मजदूरी करते थे और रात होते ही दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर लूटपाट और झपटमारी की वारदातों को अंजाम देते थे।
इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने झपटमारी और चोरी के चार मामलों को सुलझाने का दावा किया है। आरोपियों के पास से चार छीने हुए मोबाइल फोन, एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक तेज रफ्तार पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
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घटना का विवरण: महिला से मोबाइल छीनकर हुए थे फरार
इस गैंग का खुलासा 21 अक्टूबर 2025 को हुई एक घटना के बाद हुआ। शिकायतकर्ता ‘एम’ (पहचान बदली गई), जो कैलाश फार्म, पुस्ता रोड की निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि जब वह स्वरूप नगर के नांगली पूना स्थित हनुमान मंदिर के पास सर्विस रोड पर खड़ी थीं, तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक आए।
एक युवक ने झपट्टा मारकर उनका मोबाइल फोन छीन लिया और दोनों अपने साथी के साथ खाटू श्याम मंदिर की ओर फरार हो गए। इस घटना के बाद, पीड़िता की शिकायत पर स्वरूप नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत FIR संख्या 512/25 दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।
पुलिस का एक्शन: दो-आयामी रणनीति से हुई जांच
झपटमारी की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, आउटर-नॉर्थ जिले के डीसीपी हरेश्वर स्वामी (आईपीएस) ने अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। एसीपी विजय कुमार वत्स के पर्यवेक्षण और एसएचओ इंस्पेक्टर आलोक कुमार राजन के नेतृत्व में, मामले की जांच के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया:
- टीम I (डिजिटल फोरेंसिक): हेड कांस्टेबल संदीप, मोहित, और कांस्टेबल बंटी व मुकेश की इस टीम को घटनास्थल के आसपास के सभी CCTV फुटेज खंगालने का काम सौंपा गया। टीम ने चेकपॉइंट, हाईवे और दुकानों पर लगे कैमरों की घंटों की फुटेज का विश्लेषण किया।
- टीम II (खुफिया जानकारी): एएसआई अरुण, हेड कांस्टेबल परवीन, और कांस्टेबल सुधीर व अक्षय की इस टीम ने अपने मुखबिरों के नेटवर्क को सक्रिय किया और पड़ोसी थानों के साथ समन्वय स्थापित कर खुफिया जानकारी जुटाना शुरू किया।

CCTV फुटेज और तकनीकी निगरानी ने खोला राज
पुलिस की डिजिटल फोरेंसिक टीम (टीम I) ने अथक प्रयास करते हुए सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की। उन्होंने फुटेज में संदिग्धों द्वारा इस्तेमाल की गई काले और लाल रंग की पल्सर 200 मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नंबर DL-7SBV-1836) को देखा। टीम ने फुटेज के जरिए मोटरसाइकिल के आने-जाने के रास्ते को ट्रैक किया।
इस तकनीकी विश्लेषण से पुलिस को अपराधियों की पहचान करने और उनके संभावित ठिकानों का अंदाजा लगाने में महत्वपूर्ण मदद मिली। यह आधुनिक पुलिसिंग का एक बेहतरीन उदाहरण था, जहां तकनीक ने अपराधियों तक पहुंचने का रास्ता दिखाया।
मुखबिर की सूचना और पुलिस का जाल
एक तरफ जहां तकनीकी टीम काम कर रही थी, वहीं दूसरी ओर खुफिया टीम (टीम II) ने अपने मुखबिरों को सक्रिय कर दिया था। जल्द ही, पुलिस को एक पुख्ता सूचना मिली कि झपटमारी की इस वारदात में शामिल दो स्नैचर, नांगली पूना में श्मशान घाट के पास गंदे नाले वाली सड़क पर छीने हुए मोबाइल फोन बेचने के लिए आने वाले हैं। मुखबिर ने यह भी बताया कि उनके पास अवैध हथियार भी हो सकते हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने 26 अक्टूबर 2025 को उस इलाके में जाल बिछा दिया।
गिरफ्तारी: जब पुलिस के जाल में फंसे स्नैचर
पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर दी और सादे कपड़ों में तैनात होकर संदिग्धों का इंतजार करने लगी। कुछ देर बाद, वही पल्सर मोटरसाइकिल पर दो युवक वहां पहुंचे, जिनका हुलिया CCTV फुटेज से मेल खा रहा था। जैसे ही वे मोबाइल फोन बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार करने लगे, सतर्क पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। अपनी पहचान उजागर होते देख, उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया और सफलतापूर्वक दोनों को दबोच लिया।

कौन हैं ये दिन के मजदूर और रात के लुटेरे?
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की पहचान दिलशाद उर्फ गोलू (22 वर्ष) और नजीम (21 वर्ष) के रूप में हुई। दोनों नरेला के कुरैनी गांव में किराए पर रहते हैं और बादली स्थित जिंदल साइकिल फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं।
- दिलशाद उर्फ गोलू: वह मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला है।
- नजीम: वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला है।
चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों का पहले कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। यह उनका पहला अपराध था जिसमें वे पकड़े गए। उन्होंने पूछताछ में कबूल किया कि वे जल्दी पैसा कमाने और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए झपटमारी करते थे।
बरामदगी का जखीरा
पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से एक बड़ा जखीरा बरामद किया, जिसने कई और मामलों को सुलझाने में मदद की:
- एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस।
- वारदात में इस्तेमाल की गई बजाज पल्सर RS-200 मोटरसाइकिल।
- चार छीने/चोरी किए गए मोबाइल फोन, जिनमें शामिल हैं:
- OPPO A3 5G (FIR 512/25, थाना स्वरूप नगर)
- VIVO V23 (FIR 427/25, थाना स्वरूप नगर)
- Realme Sky Blue (FIR 378/25, थाना स्वरूप नगर)
- Realme GT (e-FIR 80096837/25, थाना नरेला)
एक गिरफ्तारी से सुलझे 4 मामले
इस एक गिरफ्तारी से पुलिस ने न केवल मुख्य मामले (FIR 512/25) को सुलझाया, बल्कि स्वरूप नगर और नरेला थानों में दर्ज झपटमारी और चोरी के तीन अन्य मामलों का भी खुलासा किया। इसके अलावा, अवैध हथियार बरामद होने पर आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत एक अलग मामला (FIR No. 525/2025) भी दर्ज किया गया है। यह पुलिस टीम के लिए एक बड़ी सफलता है।
स्ट्रीट क्राइम पर पुलिस का कड़ा संदेश
स्वरूप नगर पुलिस की यह त्वरित और सफल कार्रवाई दिल्ली में स्ट्रीट क्राइम करने वाले अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है। यह मामला दिखाता है कि कैसे पुलिस की दोहरी रणनीति—एक तरफ तकनीकी निगरानी और दूसरी तरफ मजबूत मानवीय खुफिया तंत्र—अपराधियों को पकड़ने में कारगर साबित होती है।
पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सड़क पर चलते समय सतर्क रहें, अपने कीमती सामान का ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। आपकी सतर्कता और पुलिस का सहयोग मिलकर ही दिल्ली को एक सुरक्षित शहर बना सकते हैं।
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| मामले का नाम | झपटमार गिरोह का भंडाफोड़ |
| पुलिस स्टेशन | थाना स्वरूप नगर, आउटर-नॉर्थ जिला, दिल्ली |
| प्रेस विज्ञप्ति दिनांक | 29.10.2025 |
| घटना की तिथि | 21 अक्टूबर 2025 |
| अपराध का प्रकार | मोटरसाइकिल पर मोबाइल फोन छीनना/झपटमारी। |
| गिरफ्तार आरोपी | 1. दिलशाद @ गोलू (22 वर्ष): निवासी कुरैनी गांव, नरेला। 2. नजीम (21 वर्ष): निवासी कुरैनी गांव, नरेला। |
| आपराधिक रिकॉर्ड | दोनों का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला। |
| अपराध का कारण | आसान पैसे कमाने और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए। |
| कुल बरामदगी | – 4 छीने/चोरी किए गए मोबाइल फोन। – 1 देसी कट्टा (पिस्तौल) और 2 जिंदा कारतूस। – 1 बजाज पल्सर RS-200 मोटरसाइकिल (अपराध में प्रयुक्त)। |
| सुलझाए गए मामले | कुल 4 मामले (3 स्वरूप नगर थाने के, 1 नरेला थाने का) और 1 नया आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज। |
| पुलिस की कार्रवाई | – CCTV फुटेज विश्लेषण और मुखबिर की सूचना पर आधारित ऑपरेशन। – नांगली पूना के पास जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। |