Delhi Police Kidnapped Child Rescued 2026 में उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 5 वर्षीय अपहृत बच्चे को सुरक्षित बरामद किया और मानव तस्करी में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह मामला दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और कोलकाता तक फैले एक संगठित अपराध से जुड़ा था। CCTV फुटेज, तकनीकी निगरानी और अंतरराज्यीय समन्वय के जरिए पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की। आरोपी बच्चे को कोलकाता में बेचने की साजिश रच रहे थे। यह ऑपरेशन बच्चों की सुरक्षा और मानव तस्करी के खिलाफ दिल्ली पुलिस की सख्त नीति को दर्शाता है।

Delhi Police Kidnapped Child Rescued 2026: 5 वर्षीय मासूम की सुरक्षित बरामदगी
Delhi Police Kidnapped Child Rescued 2026 का यह मामला न केवल दिल्ली पुलिस की तत्परता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि बच्चों के खिलाफ अपराधों पर कानून कितना सख्त है। उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और गंभीर अपहरण मामले को सुलझाते हुए 5 साल के बच्चे को सुरक्षित बरामद किया है।
घटना 9 जनवरी 2026 की है, जब शकरपुर स्थित JJ कॉलोनी से एक मासूम बच्चा अचानक लापता हो गया। बच्चे के पिता मोहम्मद साहिद ने थाना सुभाष प्लेस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर FIR संख्या 15/2026 धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।
बच्चे की कम उम्र और अपराध की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इस केस को “हाई सेंसिटिव” श्रेणी में रखा। शुरुआती घंटों में ही यह आशंका जताई गई कि मामला साधारण गुमशुदगी नहीं, बल्कि अपहरण और मानव तस्करी से जुड़ा हो सकता है। इसी आशंका के चलते पुलिस ने तुरंत विशेष टीमें गठित कर जांच शुरू की।
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Delhi Police Kidnapped Child Rescued 2026: मानव तस्करी की खतरनाक साजिश
Delhi Police Kidnapped Child Rescued 2026 की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, एक चौंकाने वाली साजिश सामने आई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंजीत शाह उर्फ नीरज बेलदार और काजल के रूप में हुई। दोनों बिहार के खगड़िया जिले के निवासी हैं और आसान पैसे कमाने के लालच में मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध में शामिल हो गए।
पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने बच्चे को कोलकाता ले जाकर लगभग एक लाख रुपये में बेचने की योजना बनाई थी। इसके लिए वे खुद को बच्चे के असली माता-पिता बताकर अवैध गोद देने की कोशिश कर रहे थे। यह तरीका मानव तस्करी गिरोहों द्वारा अक्सर अपनाया जाता है ताकि किसी को शक न हो।
अपहरण के बाद आरोपी पहले पटना गए, फिर कोलकाता पहुंचे। वहां जब सौदा नहीं हो पाया तो वे बच्चे को लेकर दोबारा यात्रा करने लगे। यही वह समय था जब दिल्ली पुलिस की सतर्कता और तकनीकी निगरानी ने उन्हें पकड़ लिया।
तीन विशेष टीमें, CCTV और तकनीकी निगरानी से मिली सफलता
इस केस में दिल्ली पुलिस की रणनीति और समन्वय बेहद अहम साबित हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन विशेष टीमें बनाई गईं। यह ऑपरेशन SHO इंस्पेक्टर तेज पाल सिंह की देखरेख और ACP सृष्टि भट्ट की समग्र निगरानी में चला।
CCTV फुटेज के विश्लेषण में एक महिला संदिग्ध नजर आई, जो लगातार फोन कॉल कर रही थी। तकनीकी निगरानी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड से पता चला कि वह रंजीत शाह के संपर्क में थी, जिसकी लोकेशन बिहार के खगड़िया जिले में मिली।
एक टीम ने चलती बस से आरोपी रंजीत शाह को बिहार में गिरफ्तार किया। वहीं दूसरी टीम ने रेलवे रूट को ट्रैक करते हुए वैशाली एक्सप्रेस में महिला आरोपी काजल को बच्चे के साथ ढूंढ निकाला। कानपुर सेंट्रल और टुंडला रेलवे स्टेशन पर समन्वित कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित छुड़ा लिया गया।

गिरफ्तारी, बरामदगी और कानूनी प्रक्रिया
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल अपहरण और तस्करी की योजना में किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया है।
बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित हालत में बरामद कर लिया गया और उसके माता-पिता को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए काउंसलिंग और मेडिकल जांच भी कराई गई।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और यदि किसी बड़े मानव तस्करी नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो और गिरफ्तारियां भी होंगी।
मानव तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश
Delhi Police Kidnapped Child Rescued 2026 केवल एक सफल पुलिस ऑपरेशन नहीं है, बल्कि यह मानव तस्करी के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी है। उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि कानून से बचना आसान नहीं है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे अपराधों में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मामले का शीर्षक | Delhi Police Kidnapped Child Rescued 2026 |
| पुलिस जिला | उत्तर-पश्चिम जिला, दिल्ली पुलिस |
| थाना | थाना सुभाष प्लेस |
| घटना की तारीख | 09 जनवरी 2026 |
| FIR नंबर | 15/2026 |
| कानूनी धारा | धारा 137(2) BNS |
| अपहृत बच्चा | आसद (उम्र 5 वर्ष) |
| शिकायतकर्ता | मोहम्मद साहिद, निवासी JJ कॉलोनी, शकरपुर |
| अपहरण का उद्देश्य | मानव तस्करी, बच्चे को कोलकाता में बेचने की साजिश |
| गिरफ्तार आरोपी | रंजीत शाह @ नीरज बेलदार और काजल |
| आरोपियों की उम्र | दोनों की उम्र 29 वर्ष |
| आरोपियों का पता | जिला खगड़िया, बिहार |
| मुख्य साजिश | बच्चे को ₹1 लाख में बेचने की योजना |
| पुलिस कार्रवाई | तीन विशेष टीमों द्वारा अंतरराज्यीय ऑपरेशन |
| तकनीकी साधन | CCTV फुटेज, कॉल डिटेल, तकनीकी निगरानी |
| गिरफ्तारी स्थान | बिहार, उत्तर प्रदेश (रेल मार्ग) |
| बरामदगी | अपहृत बच्चा सुरक्षित |
| जब्त सामग्री | 2 मोबाइल फोन |
| वरिष्ठ निगरानी | ACP सृष्टि भट्ट |
| ऑपरेशन नेतृत्व | इंस्पेक्टर तेज पाल सिंह (SHO) |
| वर्तमान स्थिति | आगे की जांच जारी |