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DELHI पुलिस के जाल में फंसा 14 केसों का मास्टरमाइंड ‘मंगल’, जानें कैसे हुई गिरफ्तारी

DELHI पुलिस के जाल में फंसा 14 केसों का मास्टरमाइंड 'मंगल', जानें कैसे हुई गिरफ्तारी

DELHI घोषित अपराधी गिरफ्तार। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 2 भगोड़ों को दबोचा, जिनमें से एक 14 आपराधिक मामलों में शामिल है।

DELHI पुलिस के जाल में फंसा 14 केसों का मास्टरमाइंड 'मंगल', जानें कैसे हुई गिरफ्तारी

DELHI कानून के लंबे हाथों से बच नहीं पाए भगोड़े

दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो ऐसे शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से कानून को चकमा देकर फरार चल रहे थे। इन दोनों को एक वाहन चोरी के मामले में अदालत ने ‘घोषित अपराधी’ (Proclaimed Offender) करार दिया था। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से एक, संजय उर्फ मंगल, एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ धोखाधड़ी, लूट, वाहन चोरी और आर्म्स एक्ट जैसे 14 संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। यह गिरफ्तारी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस द्वारा भगोड़े अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान का हिस्सा है।​

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कौन होते हैं ‘घोषित अपराधी’ (Proclaimed Offenders)?

‘घोषित अपराधी’ या ‘भगोड़ा’ उस व्यक्ति को कहा जाता है जो किसी आपराधिक मामले में आरोपी है और बार-बार समन या वारंट जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं होता है। जब यह स्पष्ट हो जाता है कि आरोपी जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया से बच रहा है, तो अदालत उसे ‘घोषित अपराधी’ घोषित कर देती है। ऐसे अपराधियों को पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी प्राथमिकता होती है, क्योंकि वे समाज के लिए एक निरंतर खतरा बने रहते हैं और कानून व्यवस्था को चुनौती देते हैं। ये अपराधी अक्सर अपनी पहचान छिपाकर और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश करते हैं।

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस का विशेष अभियान

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस, डीसीपी एम. हर्षा वर्धन (आईपीएस) के नेतृत्व में, भगोड़े अपराधियों, बेल जंपर्स और अन्य वांटेड अपराधियों को पकड़ने के लिए लगातार एक विशेष अभियान चला रही है। इस अभियान का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया से भाग रहे अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना और लंबित मामलों में न्याय सुनिश्चित करना है। इसी ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत, एंटी-नारकोटिक्स सेल को इन दो शातिर भगोड़ों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिन्होंने कानून को एक मजाक समझ रखा था।

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मुखबिर की सूचना और पुलिस का जाल

एंटी-नारकोटिक्स सेल की टीम, जिसका नेतृत्व एसीपी/ऑपरेशंस और एसएचओ/एएनसी कर रहे थे, इन दोनों अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी। हाल ही में, टीम को एक विश्वसनीय मुखबिर से एक गुप्त सूचना मिली। सूचना में बताया गया कि वाहन चोरी के एक मामले में फरार चल रहे दो घोषित अपराधी, संजय उर्फ मंगल और राजेश, दिल्ली में देखे गए हैं। ये दोनों चांदनी महल थाने में दर्ज FIR संख्या 129/21 के तहत वांटेड थे और माननीय न्यायालय ने उन्हें 13 सितंबर 2023 को ‘घोषित अपराधी’ करार दिया था। इस पुख्ता सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने उन्हें पकड़ने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई।

फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के पास गिरफ्तारी

मुखबिर से मिली जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने 27 अक्टूबर 2025 को फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के गेट नंबर 2 के पास एक जाल बिछाया। टीम ने मैनुअल निगरानी और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया ताकि आरोपी उन्हें पहचान न सकें। कुछ देर इंतजार करने के बाद, दोनों आरोपी संजय और राजेश वहां पहुंचे। जैसे ही पुलिस टीम ने उनकी पहचान की पुष्टि की, उन्होंने बिना कोई मौका दिए दोनों को घेर लिया और सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम के आगे उनकी एक न चली।​

14 केस वाला शातिर अपराधी

गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी, संजय उर्फ मंगल (37 वर्ष), शाहदरा का निवासी है। वह अपराध की दुनिया का पुराना खिलाड़ी है। उसने केवल 8वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। उसने छोटी-मोटी चोरियों से शुरुआत की और जल्द ही बड़े अपराधों जैसे लूट, वाहन चोरी और धोखाधड़ी में शामिल हो गया। उसके खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • धोखाधड़ी और प्रतिरूपण (Cheating and Impersonation)
  • मोटर वाहन चोरी (Motor Vehicle Theft)
  • छीना-झपटी और लूट (Snatching and Robbery)
  • जालसाजी (Forgery)
  • आर्म्स एक्ट का उल्लंघन (Violation of the Arms Act)
    वह एक हताश और आदतन अपराधी है जो सजा से बचने के लिए लंबे समय से फरार था।

अपराध में बराबर का साथी

गिरफ्तार किया गया दूसरा आरोपी, राजेश (35 वर्ष), भी शाहदरा का ही निवासी है। वह संजय का करीबी दोस्त और अपराध में उसका बराबर का साथी है। वह भी एक हिस्ट्री-शीटर है और कई आपराधिक गतिविधियों में संजय का साथ देता रहा है। जिस वाहन चोरी के मामले में उन्हें भगोड़ा घोषित किया गया था, उसमें वह सह-आरोपी था। दोनों मिलकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देते थे और फिर कानून से बचने के लिए छिप जाते थे।

क्यों और कैसे बचते हैं अपराधी?

अक्सर अपराधी सजा से बचने के लिए न्यायिक प्रक्रिया से भागने का रास्ता अपनाते हैं। वे अदालत में पेश होने के बजाय फरार हो जाते हैं, यह सोचकर कि समय के साथ उनके खिलाफ सबूत कमजोर हो जाएंगे, गवाह मुकर जाएंगे या पुलिस उन्हें भूल जाएगी। वे अपनी पहचान बदलकर, लगातार अपने ठिकाने और यहां तक कि शहर बदलकर भी पुलिस को चकमा देने की कोशिश करते हैं। संजय और राजेश भी पिछले दो साल से यही कर रहे थे। वे दिल्ली के बाहर ठिकाने बनाकर रह रहे थे और कभी-कभी ही दिल्ली आते थे। हालांकि, पुलिस की लगातार निगरानी ने उनकी इस रणनीति को विफल कर दिया।

एंटी-नारकोटिक्स सेल की बड़ी सफलता

यह गिरफ्तारी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स सेल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस सेल का मुख्य काम नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकना है, लेकिन भगोड़े और आदतन अपराधियों को पकड़ने में भी यह टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसे शातिर अपराधियों को पकड़ना जो न केवल समाज के लिए खतरा हैं, बल्कि न्यायिक प्रणाली का भी मजाक उड़ाते हैं, पुलिस के मनोबल को बढ़ाता है और जनता के बीच सुरक्षा की भावना को मजबूत करता है।​

कानून से बड़ा कोई अपराधी नहीं

संजय और राजेश की गिरफ्तारी एक बार फिर इस बात को साबित करती है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और कोई भी अपराधी हमेशा के लिए इससे बच नहीं सकता। दिल्ली पुलिस का ‘ऑपरेशन शिकंजा’ ऐसे भगोड़े अपराधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि उन्हें आज नहीं तो कल सलाखों के पीछे जाना ही होगा। यह मामला पुलिस की दृढ़ता, धैर्य और खुफिया तंत्र की सफलता का एक बेहतरीन उदाहरण है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने में संकोच न करें, क्योंकि उनकी एक सूचना कई बड़े अपराधों को रोकने में मदद कर सकती है।

श्रेणीविवरण
मामले का नामघोषित अपराधियों की गिरफ्तारी
पुलिस यूनिटएंटी-नारकोटिक्स सेल, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट, दिल्ली
प्रेस विज्ञप्ति दिनांक27.10.2025
मामले का प्रकारएक वाहन चोरी के मामले में अदालत द्वारा घोषित भगोड़े अपराधियों को पकड़ना।
गिरफ्तारी की तिथि27 अक्टूबर 2025
गिरफ्तारी का स्थानफिरोजशाह कोटला स्टेडियम, गेट नंबर 2 के पास
गिरफ्तार आरोपियों के नाम1. संजय उर्फ मंगल (37 वर्ष): शाहदरा निवासी।
2. राजेश (35 वर्ष): शाहदरा निवासी।
मुख्य आरोपीसंजय उर्फ मंगल: 14 संगीन आपराधिक मामलों में शामिल, जिनमें लूट, चोरी, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट शामिल हैं।
आपराधिक पृष्ठभूमि– दोनों आरोपी वाहन चोरी (FIR No. 129/21, थाना चांदनी महल) में वांटेड थे।
– माननीय न्यायालय द्वारा 13 सितंबर 2023 को ‘घोषित अपराधी’ करार दिया गया था।
गिरफ्तारी का आधारस्थानीय मुखबिर से मिली गुप्त सूचना और मैनुअल निगरानी।
पुलिस की कार्रवाई– सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट द्वारा भगोड़े अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कार्रवाई।
– जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया गया।

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