Bhalswa Dairy Murder: दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में एक युवक की नृशंस हत्या के मामले को पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 3 नाबालिग भी शामिल हैं। मृतक की पहचान ई-रिक्शा चालक करण के रूप में हुई है, जिसे आरोपियों ने बदला लेने के इरादे से बुलाया और फिर ईंट-पत्थरों से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस जांच में पता चला है कि मृतक करण आरोपियों को परेशान और धमकाया करता था, जिसके चलते उन्होंने यह खौफनाक साजिश रची। आउटर-नॉर्थ जिले की पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है, जिसने एक जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

Bhalswa Dairy Murder: दोस्तों ने ही रची खौफनाक साजिश, बदला लेने के लिए ई-रिक्शा चालक को उतारा मौत के घाट, 5 गिरफ्तार
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां दोस्ती के रिश्ते को तार-तार करते हुए 5 दोस्तों ने मिलकर अपने ही एक साथी की बेरहमी से हत्या कर दी। मामला दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके का है, जहां पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए एक युवक को ईंट और पत्थरों से कुचलकर मार डाला गया। लेकिन दिल्ली पुलिस की जांबाजी और मुस्तैदी ने इस अंधी हत्या की गुत्थी को महज कुछ ही घंटों में सुलझाकर सभी 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
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Bhalswa Dairy Murder: क्या है भलस्वा डेयरी का यह पूरा मामला?
यह खौफनाक कहानी शुरू होती है 8 नवंबर 2025 को। भलस्वा डेयरी के रहने वाले करण नाम के एक युवक को गंभीर रूप से घायल अवस्था में बी.जे.आर.एम. अस्पताल ले जाया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ यानी अस्पताल लाने से पहले ही मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से सूचना मिलते ही आउटर-नॉर्थ जिले की पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और मामले की जांच शुरू कर दी।
ई-रिक्शा में आया और फिर कभी नहीं लौटा
पुलिस जब अस्पताल पहुंची और मृतक के दोस्तों से पूछताछ की, तो एक चौंकाने वाली कहानी सामने आई। एक चश्मदीद दोस्त ने बताया कि करण अपना ई-रिक्शा चला रहा था जब वे दुर्गा चौक, भलस्वा डेयरी पर रुके। तभी वहां कुछ युवक आए और करण को जबरदस्ती उसी के ई-रिक्शा में बिठाकर अपने साथ ले गए। चश्मदीद को वहीं छोड़ दिया गया। इसके कुछ ही देर बाद, करण पास में ही पानी की पाइपलाइन के नीचे गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान हालत में मिला।
पुलिस ने कैसे शुरू की अपनी जांच?
मामले की गंभीरता को देखते हुए, डीसीपी (आउटर-नॉर्थ) हरेश्वर स्वामी और ज्वाइंट सीपी विजय सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। एसीपी विजय कुमार वत्स और एसएचओ, भलस्वा डेयरी ने तुरंत जांच की कमान संभाली। क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से सबूत इकट्ठा किए।
कुछ ही घंटों में पुलिस के हत्थे चढ़े 5 आरोपी
पुलिस के सामने एक ‘ब्लाइंड मर्डर’ की चुनौती थी, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी। स्थानीय खुफिया जानकारी और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने तेजी से काम करना शुरू किया। नतीजा यह हुआ कि हत्या के महज कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने इस वारदात में शामिल सभी 5 आरोपियों की पहचान कर उन्हें धर दबोचा। यह दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी थी।
क्यों और कैसे की गई करण की हत्या?
जब पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो इस हत्याकांड के पीछे की जो वजह सामने आई, वह हैरान करने वाली थी। यह हत्या किसी लूट या अचानक हुए झगड़े का नतीजा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश और पुरानी रंजिश का परिणाम थी। आरोपियों ने कबूल किया कि मृतक करण, उन्हें अक्सर परेशान करता था, उनके साथ बदमाशी और मारपीट करता था।
बुलावे के पीछे छिपी थी खौफनाक साजिश
आरोपियों में से एक, समीर और एक नाबालिग (CCL B) को करण खास तौर पर निशाना बनाता था। वह उन दोनों के बीच झगड़ा कराने की भी कोशिश कर चुका था। इसी उत्पीड़न से तंग आकर समीर, सुलेमान उर्फ हैरान और तीन नाबालिग दोस्तों ने मिलकर करण से बदला लेने की एक खौफनाक साजिश रची।
ईंट और पत्थरों से कुचलकर उतारा मौत के घाट
8 नवंबर को, समीर ने फोन करके करण को मिलने के बहाने दुर्गा चौक पर बुलाया। जब करण वहां पहुंचा, तो पांचों दोस्त पहले से ही मौजूद थे। वे उसे जबरदस्ती उसके ई-रिक्शा में बिठाकर पास ही में पानी की पाइपलाइन के पास एक सुनसान जगह पर ले गए। वहां, सुलेमान ने करण की गर्दन पकड़कर उसका गला घोंट दिया, जबकि बाकी चारों ने उसे ईंट और पत्थरों से तब तक मारा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
कौन हैं ये 5 हत्यारे दोस्त?
इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले पांचों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। इनमें दो बालिग और तीन नाबालिग हैं:
- मो. समीर (20 वर्ष): करण की बदमाशी का मुख्य शिकार था।
- सुलेमान उर्फ हैरान (20 वर्ष): जिसने करण का गला घोंटा था।
- CCL B (16 वर्ष): जिसे करण अक्सर परेशान करता था।
- CCL S (14 वर्ष): साजिश में शामिल सबसे कम उम्र का आरोपी।
- CCL P (16 वर्ष): हत्या की वारदात में शामिल।
अपराध की दुनिया में नाबालिगों की बढ़ती एंट्री
यह मामला एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान खींचता है कि कैसे कम उम्र के बच्चे जघन्य अपराधों की दुनिया में कदम रख रहे हैं। इस हत्याकांड में शामिल 5 में से 3 आरोपियों का नाबालिग होना बेहद चिंताजनक है। दोस्ती और बदले की भावना में उन्होंने एक ऐसी वारदात को अंजाम दे दिया, जिसने एक परिवार का चिराग बुझा दिया और उनके अपने भविष्य पर भी सवालिया निशान लगा दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई की हो रही सराहना
इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस के आउटर-नॉर्थ जिले की टीम की जितनी तारीफ की जाए, कम है। जिस तेजी और प्रोफेशनलिज्म से पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर केस को न सिर्फ सुलझाया, बल्कि सभी आरोपियों को घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया, वह काबिले तारीफ है। फिलहाल, सभी आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| घटना | एक युवक की पुरानी रंजिश के चलते बेरहमी से हत्या। |
| पीड़ित का नाम | करण, पुत्र मुकेश (ई-रिक्शा चालक)। |
| घटनास्थल | दुर्गा चौक के पास, भलस्वा डेयरी, दिल्ली। |
| घटना की तारीख | 08 नवंबर, 2025। |
| आरोपी | 5 गिरफ्तार (2 बालिग: मो. समीर, सुलेमान; 3 नाबालिग: CCL B, S, P)। |
| हत्या का मकसद | मृतक द्वारा की जाने वाली बदमाशी और उत्पीड़न का बदला लेना। |
| हत्या का तरीका | बहाने से बुलाकर सुनसान जगह ले जाना, गला घोंटना और ईंट-पत्थरों से कुचलकर मारना। |
| पुलिस कार्रवाई | घटना के कुछ ही घंटों के भीतर सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। |
| वर्तमान स्थिति | सभी आरोपी गिरफ्तार, मामले की आगे की जांच जारी है। |