3 बस स्टैंड Outer District महिला सुरक्षा अभियान में पुलिस ने 4 प्रमुख बस स्टैंड एवं मार्गों पर जागरूकता बढ़ाई, 112 हेल्पलाइन के उपयोग पर जोर दिया।

Outer District पुलिस की शिष्टाचार स्क्वाड का महिला सुरक्षा अभियान
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अभियान का परिचय
दिल्ली पुलिस के आउटर डिस्ट्रिक्ट की शिष्टाचार स्क्वाड ने राजधानी के व्यस्त बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर एक व्यापक महिला सुरक्षा और जागरूकता अभियान चलाया। यह पहल “सड़कों से सुरक्षा” के नारे के साथ महिला यात्रियों को आत्मविश्वास और सशक्तिकरण प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई। दिल्ली के आउटडोर डिस्ट्रिक्ट पुलिस की शिष्टाचार स्क्वाड ने महिला सुरक्षा और जागरूकता के लिए शहर के व्यस्त मार्गों व बस स्टैंड पर विशेष ड्राइव चलाया।
अभियान के स्थान
शिष्टाचार स्क्वाड ने चार महत्वपूर्ण स्थानों को लक्षित किया: दीपाली चौक बस स्टैंड (रानी बाग), पीरागढ़ी बस स्टैंड, पश्चिम विहार (पश्चिम) बस स्टैंड, और बस रूट नंबर 938 (मजलिस पार्क से अजादपुर तक)। ये सभी स्थान दैनिक रूप से हजारों महिला यात्रियों द्वारा उपयोग किए जाते हैं, जिससे ये जागरूकता अभियान के लिए आदर्श केंद्र बन गए। दीपाली चौक बस स्टैंड, रानी बाग; पीरागढ़ी बस स्टैंड; पश्चिम विहार बस स्टैंड; और बस नंबर 938 के मार्ग पर यह अभियान समर्पित रूप से चला।
शिष्टाचार स्क्वाड के अधिकारियों ने महिला यात्रियों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने जागरूकता पर्चे वितरित किए, 112 आपातकालीन हेल्पलाइन के उपयोग का लाइव प्रदर्शन किया, और दिल्ली पुलिस सुरक्षा ऐप्स की जानकारी प्रदान की। टीम ने “सतर्कता ही सशक्तिकरण है” के संदेश पर जोर दिया।
शिष्टाचार स्क्वाड का परिचय
शिष्टाचार स्क्वाड यूपी के ‘एंटी-रोमियो स्क्वाड’ की तर्ज पर दिल्ली पुलिस द्वारा मार्च 2025 में स्थापित की गई विशेष इकाई है। प्रत्येक जिले में दो स्क्वाड तैनात हैं, जिनमें एक इंस्पेक्टर, एक सब-इंस्पेक्टर, आठ कांस्टेबल और चार महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन टीमों का नेतृत्व ACP क्राइम अगेंस्ट वूमेन करती हैं।
सक्रिय संवाद और जागरूकता
शिष्टाचार स्क्वाड की टीम ने महिलाओं से बातचीत कर 112 हेल्पलाइन, मोबाइल सुरक्षा ऐप्स और सतर्क रहने के उपाय समझाए।

लाइव डेमोंस्ट्रेशन
यात्रियों को हेल्पलाइन का सही उपयोग और एहतियाती कदम स्वच्छ और आत्मगौरवपूर्ण तरीके से दिखाए गए जिससे जागरूकता और बढ़ी।
सतर्क रहना ही सुरक्षा है”
टीम ने बार-बार यह संदेश दिया कि अलर्ट रहना ही महिलाओं की सुरक्षा का मूल मंत्र है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्टिंग करनी चाहिए। शिष्टाचार स्क्वाड ने महिलाओं को यात्रा के दौरान सतर्क रहने के व्यावहारिक सुझाव दिए। इनमें सुनसान जगहों से बचना, संदिग्ध व्यक्तियों पर ध्यान रखना, किसी भी असुरक्षित स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करना, और हमेशा अपने परिवार या दोस्तों को अपनी यात्रा की जानकारी देना शामिल था। टीम ने सरल आत्मरक्षा तकनीकों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया।
पुलिस और समुदाय का सामंजस्य
शिष्टाचार स्क्वाड ने समुदाय के हर वर्ग को जोड़कर महिला सुरक्षा के प्रति विश्वास और सहयोग बढ़ाया। इस अभियान ने पुलिस और समुदाय के बीच विश्वास को मजबूत किया। महिलाओं ने खुलकर अपनी चिंताएं साझा कीं और पुलिस ने धैर्यपूर्वक सुनकर समाधान प्रदान किए। निवासी कल्याण संघों (RWA) और बाजार कल्याण संघों (MWA) के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया। यह सहभागी दृष्टिकोण पुलिसिंग में एक नया मानक स्थापित कर रहा है।
डिजिटल सुरक्षा उपकरणों का प्रशिक्षण
अभियान में महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा के विभिन्न साधनों के बारे में शिक्षित किया गया। इनमें 112 हेल्पलाइन, हिम्मत ऐप, और त्वरित शिकायत रिपोर्टिंग प्रणाली शामिल थीं। पुलिसकर्मियों ने व्यावहारिक रूप से दिखाया कि आपातकाल में इन उपकरणों का उपयोग कैसे करें। 112 के अलावा टीम ने मोबाइल ट्रैकिंग और डिजिटल टूल्स के उपयोग के बारें में भी लोगों को जागरूक किया।
महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास
इस ड्राइव से महिलाओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर समझदारी दिखाई और अपने अधिकारों के प्रति सजग बनीं। अभियान में भाग लेने वाली महिला यात्रियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। कई महिलाओं ने बताया कि पुलिस की उपस्थिति और सीधी बातचीत से उन्हें सुरक्षित महसूस हुआ। कुछ महिलाओं ने अपनी यात्रा के दौरान होने वाली छोटी-मोटी परेशानियों को साझा किया, जिन्हें पुलिस ने नोट किया और समाधान का आश्वासन दिया।
पुलिस की प्रतिबद्धता
डीसीपी आउटर डिस्ट्रिक्ट सचिन शर्मा ने शिष्टाचार स्क्वाड की तत्परता और लगातार समुदाय के लिए काम करने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। पुलिस ने कहा कि यह पहल जारी रहेगी और अन्य व्यस्त स्थानों और भीतरी इलाकों में महिला सुरक्षा अभियान तेज किया जाएगा।
DCP सचिन शर्मा का संदेश
आउटर डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी सचिन शर्मा ने अभियान के दौरान कहा, “महिलाओं की सुरक्षा केवल हमारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक वादा है जिसे हम हर दिन निभाते हैं। शिष्टाचार स्क्वाड की यह पहल सुनिश्चित करती है कि दिल्ली की सड़कों पर महिलाएं कभी अकेली नहीं हैं – पुलिस हर कदम पर उनके साथ है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान निरंतर चलता रहेगा और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जाएगा।.
शिष्टाचार स्क्वाड की यह पहल एकबारगी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक निरंतर प्रक्रिया है। पुलिस ने घोषणा की कि आगामी महीनों में मेट्रो स्टेशनों, कॉलेज परिसरों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे। सादे कपड़ों में पेट्रोलिंग, तकनीकी निगरानी, और समुदाय-आधारित पुलिसिंग को और मजबूत किया जाएगा। महिलाओं की प्रतिक्रिया के आधार पर रणनीतियों में सुधार किया जा रहा है।
शिष्टाचार स्क्वाड की संरचना:
- 30 टीमें दिल्ली भर में तैनात
- प्रत्येक टीम में 15 सदस्य (4 महिला पुलिसकर्मी सहित)
- सादे कपड़ों में गश्त
- कार और दोपहिया वाहन से लैस
- BNS की धारा 74 और 78 के तहत कार्रवाई की शक्ति
अभियान के मुख्य बिंदु:
✓ 4 प्रमुख बस स्टैंड और मार्गों को कवर किया
✓ सैकड़ों महिलाओं से सीधा संवाद
✓ 112 हेल्पलाइन और सुरक्षा ऐप्स का प्रदर्शन
✓ जागरूकता सामग्री का वितरण
✓ व्यावहारिक सुरक्षा सुझाव
✓ महिलाओं में आत्मविश्वास और सशक्तिकरण