India gold premiums record high के चलते भारत और चीन में सोने की मांग मजबूत बनी हुई है, निवेश और बजट की संभावित नीतियों का असर दिखा।

India gold premiums record high दस साल का रिकॉर्ड
भारत में सोने के प्रीमियम में दस साल का रिकॉर्ड
ख़बर के मुताबिक भारत में सोने के प्रीमियम इस सप्ताह $121 प्रति औंस तक पहुँच गए, जो मई 2014 के बाद का सबसे ऊँचा स्तर है।
सोने के प्रीमियम का यह उछाल बाज़ार में निवेशकों की बढ़ती रुचि और आगामी बजट में सुनने को मिल सकती नई नीतियों के कारण हुआ है। यह प्रीमियम दर असल में स्थानीय कीमतें और अंतर्राष्ट्रीय सोने के भाव के बीच का अंतर है, जिसे ग्राहक सोना ख़रीदते वक्त चुकाते हैं।
प्रीमियम का बढ़ना यह संकेत देता है कि निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं, खासकर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और संभावित दरों के उतार-चढ़ाव के समय।
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निवेश की बढ़ती दिलचस्पी का प्रभाव
सोने की कीमतें रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुँचने के बावजूद, निवेशक इसमें रुचि दिखा रहे हैं। खास तौर पर बजट से पहले उम्मीदें बढ़ने के कारण निवेशक सोना ख़रीद रहे हैं।
आने वाले बजट में सोने और चांदी पर आयात शुल्क में बदलाव की चर्चा होने के कारण निवेशक पहले ही सोने के प्रीमियम चुकाकर खरीदारी कर रहे हैं।
व्यापारी मानते हैं कि यदि सरकार शुल्क बढ़ाती है, तो भविष्य में सोना और महँगा होने की संभावना है और निवेशक पहले से ही सुरक्षित आश्रय संपत्ति में निवेश कर रहे हैं।
स्थानीय सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर
भारत में स्थानीय सोना की कीमत ₹180,779 प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई है, जो हाल के महीनों में बड़ी तेजी का प्रदर्शन है।
इतनी उच्च कीमत पर भी प्रीमियम बढ़ रहा है, यह दर्शाता है कि निवेशक और ज्वेलरी डीलर दोनों की रुचि स्थिर बनी हुई है।
हालांकि महँगी कीमतों ने खुदरा गहनों की ख़रीदारी को प्रभावित भी किया है, लेकिन सोने के निवेश रूप में क्रय जारी है।
चीन में सोने की मांग भी मजबूत
चीन में भी सोने के प्रीमियम में उछाल देखा गया है। निवेश और ज्वेलरी दोनों में मांग बनी हुई है, भले ही अंतर्राष्ट्रीय सोने की कीमत लगभग $5,600 प्रति औंस हो।
चीन में Lunar New Year (चीन का नव वर्ष) नज़दीक आने के कारण भी खरीदार सक्रिय रहे। यह मांग वैश्विक स्तर पर सोने के निवेश को बढ़ावा देती है और बाजार की भावना को सकारात्मक बनाती है।
खुदरा गहनों की ख़रीदारी पर असर
भारत में जहां निवेश की मांग बढ़ी है, वहीं खुदरा गहनों की खरीद में गिरावट भी देखी गई है। बाजार की अस्थिरता और विदेशी मंदी के कारण रोजमर्रा के खरीदार सोने की गहने ख़रीदने में सर्द हो रहे हैं।
ऐसे में निवेशक सोने के सिक्के और बार खरीदना अधिक पसंद कर रहे हैं, जो सुरक्षित निवेश का रूप मानी जाती हैं।
बजट 2026-27 का संभावित प्रभाव
भारत सरकार 1 फरवरी को बजट पेश करने वाली है। सूत्रों के अनुसार बजट में सोने और चांदी पर आयात शुल्क में बदलाव संभव है, जिसके कारण व्यापारियों ने सोने के प्रीमियम को पहले ही बढ़ा लिया है।
सरकार ने जुलाई 2024 में सोने और चांदी के आयात शुल्क को 15% से घटाकर 6% किया था, जिससे पहले प्रीमियम और मांग प्रभावित हुई थी। अब संभावित रूप से शुल्क में बदलाव की अफ़वाह ने निवेशकों को सक्रिय कर दिया है।
वैश्विक बाजारों में सोने का प्रदर्शन
वैश्विक स्तर पर सोने ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है। अंतर्राष्ट्रीय सोने की कीमतें near-record स्तरों पर पहुँच चुकी हैं और यह निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं।
गोल्ड के प्रदर्शन को वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण सुरक्षित-हैवन संपत्ति के रूप में देखा जाता है, जिससे इसके दामों में समर्थन मिलता है।
सोने के प्रीमियम से बाजार में क्या संकेत?
सोने के प्रीमियम में वृद्धि यह संकेत देती है कि नौबजट और नीतिगत बदलावों की आशंका बाजार में खरीदारों को आगे बढ़ा रही है। निवेशक विचार कर रहे हैं कि सोना महँगा होने जा रहा है और इसे निवेश के रूप में लेना बेहतर विकल्प है।
गहनों की बिक्री में कमी और निवेश की बढ़ी रुचि सोने की भूमिका को बदल रही है, जो अब शुद्ध निवेश के रूप में अधिक लोकप्रिय हो रहा है।
विशेषज्ञों की राय
मुम्बई के एक बुलियन डीलर के अनुसार, “लोग बजट से पहले सोना ख़रीद रहे हैं क्योंकि वे आगे अधिक महँगी कीमतों की संभावना को देखते हैं।”
दूसरी ओर, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानीय मुद्रा (रुपया) की उतार-चढ़ाव, वैश्विक रेट्स और आर्थिक रिपोर्टें सोने की मांग और प्रीमियम पर प्रभाव डालती रहेंगी।
आगे क्या उम्मीदें हैं?
विशेषज्ञों के मुताबिक सोने की कीमतों और प्रीमियम की स्थिति 2026 में भी निवेशकों के रुख से प्रभावित होगी। यदि बजट में शुल्क सम्बंधी बदलाव होता है, तो प्रीमियम में और उछाल संभव है।
हालांकि खुदरा गहनों की मांग में गिरावट जारी है, लेकिन निवेश की भूमिका मजबूत बनी रहने की संभावना है।
| शीर्षक (Title) | India gold premiums record high: कीमत बढ़ने के बावजूद भारत-चीन में सोने की मांग मजबूत |
|---|---|
| स्रोत (Source) | Reuters |
| प्रकाशन तिथि | 30 जनवरी 2026 |
| फोकस कीवर्ड | India gold premiums record high |
| मुख्य देश | भारत और चीन |
| खबर का विषय | सोने के प्रीमियम में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और मजबूत मांग |
| भारत में गोल्ड प्रीमियम | लगभग 121 डॉलर प्रति औंस (10 साल का उच्चतम स्तर) |
| रिकॉर्ड अवधि | मई 2014 के बाद सबसे ऊँचा |
| स्थानीय सोने की कीमत (भारत) | ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम (रिकॉर्ड स्तर) |
| वैश्विक सोने की कीमत | लगभग 5,600 डॉलर प्रति औंस |
| चीन में स्थिति | ऊँची कीमतों के बावजूद मांग बनी हुई |
| मांग बढ़ने का कारण | निवेश सुरक्षित विकल्प, बजट से पहले खरीदारी |
| भारत में खुदरा मांग | गहनों की खरीद में सुस्ती |
| निवेश मांग | सिक्के और गोल्ड बार की खरीद बढ़ी |
| बजट फैक्टर | आयात शुल्क में संभावित बदलाव की अटकलें |
| पहले आयात शुल्क में बदलाव | जुलाई 2024 में 15% से घटाकर 6% |
| चीन में मांग का कारण | Lunar New Year से पहले खरीदारी |
| बाजार संकेत | निवेशकों का भरोसा सोने पर कायम |
| विशेषज्ञों की राय | आगे कीमतें और प्रीमियम और बढ़ सकते हैं |
| निवेशकों की रणनीति | बजट से पहले सुरक्षित निवेश |
| कुल मिलाकर असर | ऊँची कीमतों के बावजूद सोने की मांग मजबूत |
FAQs: India Gold Premiums Record High
FAQ 1: India gold premiums record high का क्या मतलब है?
उत्तर: इसका मतलब है कि भारत में सोने की स्थानीय कीमतें अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना में सबसे ज्यादा प्रीमियम पर बिक रही हैं। यह प्रीमियम पिछले 10 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
FAQ 2: भारत में सोने का प्रीमियम क्यों बढ़ गया है?
उत्तर: सोने का प्रीमियम बढ़ने के पीछे मुख्य कारण मजबूत निवेश मांग, बजट से पहले आयात शुल्क में संभावित बदलाव की अटकलें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता हैं।
FAQ 3: क्या ऊँची कीमतों के बावजूद भारत में सोने की मांग बनी हुई है?
उत्तर: हां, ऊँची कीमतों के बावजूद भारत में सोने की निवेश मांग मजबूत बनी हुई है, हालांकि गहनों की खुदरा खरीद में कुछ सुस्ती देखी जा रही है।
FAQ 4: चीन में सोने की मांग पर कीमतों का क्या असर पड़ा है?
उत्तर: चीन में भी सोने की कीमतें ऊँची हैं, लेकिन Lunar New Year और निवेश जरूरतों के चलते मांग पर खास असर नहीं पड़ा है।
FAQ 5: आने वाले समय में सोने के बाजार से क्या उम्मीद की जा रही है?
उत्तर: विशेषज्ञों के अनुसार यदि बजट में आयात शुल्क से जुड़ा कोई फैसला आता है या वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोने के प्रीमियम और कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है।