दिल्ली में लिबासपुर एक्सीडेंट में मुरथल से लौट रहे 3 दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई। NHAI की लापरवाही पर उठ रहे सवाल, जानें स्वरूप नगर पुलिस की जांच में क्या आया सामने।

दिल्ली में एक दर्दनाक हादसा जिसने तीन परिवार उजाड़ दिए
दिल्ली के आउटर-नॉर्थ जिले के स्वरूप नगर थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे ने तीन दोस्तों की जान ले ली। यह दर्दनाक घटना मंगलवार देर रात लिबासपुर अंडरपास के ऊपर हुई, जब तीनों दोस्त हरियाणा के मुरथल से पराठे खाकर अपनी बुलेट बाइक से वापस घर लौट रहे थे। हादसा इतना भयानक था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और उसमें आग लग गई। इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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घटना का विवरण: वो आखिरी सफर
मंगलवार देर रात, नांगलोई निवासी तीन दोस्त—सुमित (27), मोहित (26), और अनुराग (23)—मुरथल के मशहूर ढाबे से पराठे खाकर अपनी रॉयल एनफील्ड बुलेट बाइक (नंबर DL 4SDJ 5706) से दिल्ली लौट रहे थे। रात करीब 1:30 बजे, जब वे स्वरूप नगर थाना क्षेत्र के लिबासपुर अंडरपास के ऊपर पहुंचे, तो उनकी तेज रफ्तार बाइक का संतुलन बिगड़ गया। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, बाइक सीधे सड़क पर मरम्मत कार्य के लिए लगाए गए एक बड़े सीमेंटेड बैरिकेड से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों दोस्त हवा में कई फीट उछलकर अलग-अलग जगहों पर जा गिरे और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

हादसे की भयावहता: बाइक में लगी आग
टक्कर के बाद बुलेट बाइक में आग लग गई, जिसने हादसे की भयावहता को और बढ़ा दिया। उसी समय हाईवे से गुजर रहे एक कार चालक ने इंसानियत दिखाते हुए अपनी गाड़ी रोकी। उसने अपनी गाड़ी में रखे फायर एक्सटिंग्विशर और पास पड़ी रेत की मदद से बाइक में लगी आग को बुझाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीनों युवक सड़क पर मृत पड़े थे। सूचना मिलते ही स्वरूप नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
NHAI की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
घटनास्थल का मुआयना करने पर यह बात सामने आई कि लिबासपुर अंडरपास पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा सड़क की मरम्मत का काम चल रहा था। काम वाले क्षेत्र को घेरने के लिए 9 बड़े-बड़े सीमेंट के बैरिकेड लगाए गए थे, लेकिन आरोप है कि वहां पर कोई उचित चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर या लाइटिंग की व्यवस्था नहीं थी। रात के अंधेरे और तेज रफ्तार के कारण बाइक सवार इन बैरिकेड्स को देख नहीं पाए और सीधा उनसे जा टकराए। मृतकों के दोस्तों और परिवार वालों ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर NHAI प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि अगर उचित सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो यह जानलेवा हादसा टाला जा सकता था।

मृतकों की पहचान और परिवार में मातम
पुलिस ने मृतकों की पहचान सुमित (27), मोहित (26), और अनुराग (23) के रूप में की है। ये तीनों दिल्ली के नांगलोई इलाके के रहने वाले थे और गहरे दोस्त थे। हादसे की खबर मिलते ही तीनों के परिवारों में कोहराम मच गया। दोस्तों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक सुमित के दोस्त अमित कुमार और रवि शर्मा ने नम आंखों से बताया कि तीनों बहुत मिलनसार थे और अक्सर साथ में घूमने जाते थे। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि मुरथल का यह सफर उनके दोस्तों का आखिरी सफर बन जाएगा।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम
स्वरूप नगर थाना पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी बाबू जगजीवन राम मेमोरियल (BJRM) अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बुलेट बाइक को भी जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और हेलमेट न पहनना हादसे का एक बड़ा कारण लग रहा है। हालांकि, NHAI की लापरवाही के आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या निर्माण स्थल पर सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
क्या कहते हैं नियम?
राष्ट्रीय राजमार्गों पर किसी भी निर्माण या मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। इसमें काम शुरू होने से काफी पहले गति धीमी करने के संकेत, डायवर्जन बोर्ड, रात में चमकने वाले रिफ्लेक्टर टेप और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करना शामिल है। यदि इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का मामला बनता है। इस केस में पुलिस इन्हीं पहलुओं की जांच कर रही है।
चश्मदीदों की कमी और जांच की चुनौती
पुलिस को मौके पर कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं मिला, जिससे जांच में थोड़ी मुश्किल आ रही है। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे के समय की सटीक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। यह भी जांच की जा रही है कि क्या किसी अन्य वाहन ने उन्हें टक्कर मारी थी, हालांकि इसकी संभावना कम लग रही है क्योंकि बाइक सीधे बैरिकेड से टकराई है।
दोस्तों का बयान और इंसाफ की मांग
मृतकों के दोस्तों ने NHAI के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि “यह कोई हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही के कारण हुई हत्या है।” वे चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले ताकि भविष्य में इस तरह की घटना में किसी और की जान न जाए।
एक हादसा जो कई सवाल छोड़ गया
यह दर्दनाक हादसा कई गंभीर सवाल छोड़ गया है। क्या तेज रफ्तार और हेलमेट न पहनना ही इन मौतों का एकमात्र कारण था? या फिर सिस्टम की लापरवाही ने तीन युवाओं की जान ले ली? जब तक पुलिस की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन यह घटना इस बात की एक दर्दनाक याद दिलाती है कि सड़क सुरक्षा केवल वाहन चालकों की ही नहीं, बल्कि सड़क बनाने और रखरखाव करने वाली एजेंसियों की भी एक बड़ी जिम्मेदारी है।